उत्तर प्रदेश में कुदरत का कहर: बिजली गिरने से 9 की मौत, फसलों को भारी नुकसान और CM के सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश में कुदरत का कहर: बिजली गिरने से 9 की मौत, फसलों को भारी नुकसान और CM के सख्त निर्देश

Heavy Damage to Crops and Strict Directives from the CM

Heavy Damage to Crops, and Strict Directives from the CM

बिजली गिरने से प्रदेश भर में नौ मौतें हुईं

गेहूं, सरसों और आम की फसलों को भारी क्षति

मुख्यमंत्री ने तत्काल राहत और मुआवजे के निर्देश दिए

लखनऊ। Heavy Damage to Crops, and Strict Directives from the CM, बीते 24 घंटे में बदले मौसम से प्रदेश के पश्चिम से लेकर पूर्वी स्टेशन जनजीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। बारिश और ओलावृष्टि के साथ ही बिजली गिरने से जनहानि के साथ ही फसलों को क्षति पहुंची है।

प्रदेश भर में भजन पास के नौ मौतें हुई हैं। प्रयागराज और अमरोहा में दो, जौनपुर, मिर्जापुर, श्री बस्ती, बहराइच और बलरामपुर में एक-एक मौत हुई है। वहीं बिजली गिरने से आठ झुलस गए हैं।

तेज हवा से कई जगहों पर गेहूं की फसल बिछ गई है तो सरसों की कटी फसल भी भींग गई है। गेहूं के साथ ही रबी की पककर तैयार फसलों को फफूंद जनित बीमारियां लग सकती हैं। आंधी और बारिश से आम के बौर भी गिर गए हैं।

आज के मौसम का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम विक्षाभ के कारण शनिवार को भी पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्यांचल व बुंदेलखंड समेत लगभग पूरे राज्य में तेज हवा और गरज व चमक का असर रहेगा।

बिन मौसम बारिश से किसानों की मुश्किलें बढ़ीं

चंद्रगुप्त कृषि महाविद्यालय के कृषि विज्ञानी डॉक्टर सत्येंद्र कुमार के अनुसार यदि दो दिन ऐसे ही बारिश हुई तो सरसों, गेहूं, आलू, चना, मसूर के साथ कद्दू वर्गीय फसलों जैसे, खरबूजा, तरबूज, खीरा, ककड़ी, तोरई, लौकी और करेला को अधिक नुकसान होने की पूरी आशंका है। आम के फसलों में कीट व रोगों का खतरा बढ़ने की संभावना भी बढ़ गई है।

मेरठ और आगरा में छाया कोहरा

मेरठ, आगरा में सुबह के समय कोहरा छाया रहा, इस बीच हल्की ठंडक का अहसास भी हुआ। दो पहिया वाहन सवारों को हल्के गर्म कपड़ों में कैद होना पड़ा।

बेमौसम बारिश से फसलों के नुकसान का तत्काल आकलन कर पहुंचाएं राहत

प्रदेश में असमय बारिश को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। फसलों के नुकसान का त्वरित आकलन कर राहत पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्वयं फील्ड में निकलकर स्थिति का जायजा लें।

किसानों को सही और समय पर सहायता मिल सके

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह कार्य केवल कागजी न होकर वास्तविक स्थिति के आधार पर किया जाए, ताकि किसानों को सही और समय पर सहायता मिल सके। मुख्यमंत्री ने राहत आयुक्त को भी निर्देश दिया है कि वह फील्ड स्तर पर कार्य कर रहे अधिकारियों से सीधा संपर्क और समन्वय बनाए रखें। सभी सूचनाएं समय पर एकत्रित कर शासन को उपलब्ध कराई जाए, जिससे राहत कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि फसलों को हुई क्षति का आकलन प्राप्त होते ही मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।